Wankhede Stadium, India

क्रिकेट जो अब केवल खेल नहीं रह गया है बल्कि एक जुनून बन चुका है। इसकी सीधी बानगी 2011 विश्वकप फाइनल में देखी गई जब भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का मारकर भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाया था। क्या आपकों याद है वो ऐतिहासिक मैच किस मैदान पर खेला गया था, अगर नहीं तो कोई बात नहीं आज हम आपकों उसी बेहतरीन मैदान के बारें में बताने जा रहें है। उस क्रिकेट मैदान का नाम वानखेड़े स्टेडियम है जो मुंबई में स्थित हैं। ये एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम हैं और अब तक बहुत से इंटरनेशनल और घरेलू मैच को होस्ट कर चुका हैं। चलिए इस मैदान के बारें में थोड़ा और जानने की कोशिश करते हैं।

वानखेड़े स्टेडियम से जुड़ी जानकारी

वानखेड़े स्टेडियम 1975 में बन कर तैयार हुआ था, शुरू में यहां दर्शकों के बैठने की क्षमता 45000 थी लेकिन 2011 विश्वकप के लिए इसका पुनरोद्धार किया गया था और वर्तमान में यहां 33108 लोगों के बैठने की क्षमता हैं। मुंबई में स्थित ये स्टेडियम मरीन लाइन्स के नजदीक बना हुआ हैं। ये स्टेडियम फ्लडलाइट से सुसज्जित हैं। इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंस एवं मुंबई रणजी टीम का ये घरेलू मैदान हैं।

इस स्टेडियम की सबसे खास बात इसकी Suspended Cantilever Roofs हैं, ये roofs हल्की होने के साथ-साथ इसमें ऊष्मा प्रतिरोधक क्षमता भी हैं। इस मैदान पर कही भी आपकों beam support दिखाई नहीं देगा, इसे ऐसा सलीके बनाया गया हैं ताकि दर्शकों को मैच देखते समय बेहतरीन नजारा दिखाई दे। स्टेडियम की छतों पर बड़े-बड़े exhaust फैन लगें हैं जो स्टैंड की गर्म हवा को बाहर करके पश्चिमी छोर से हवा को अंदर आने देते हैं।

इस स्टेडियम में कुल 9 स्टैंड हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं

  • सुनील गावस्कर स्टैंड
  • नार्थ स्टैंड
  • विजय मर्चेंट स्टैंड
  • सचिन तेंदुलकर स्टैंड
  • MCA स्टैंड
  • विट्ठल दिवेचा स्टैंड
  • गरवारे स्टैंड
  • ग्रैंड स्टैंड

कब खेला गया पहला मैच?

1975 में बन कर तैयार हुए इस वानखेड़े स्टेडियम में सबसे पहले भारत और वेस्टइंडीज के बीच 23 से 28 जनवरी 1975 में टेस्ट मैच खेला गया था। उस दौरान यहां केवल टेस्ट मैच ही आयोजित किये जाते थे। वानखेड़े पर पहला एकदिवसीय मैच लगभग 12 साल बाद 17 अक्टूबर 1987 में खेला गया था। ये मैच 1987 विश्व कप का मैच था जिसमें भारत और जिम्बाब्वे एक दूसरे से भिड़े थे और भारत ने जिम्बाब्वे को इस मैच में हरा दिया था।

22 दिसंबर 2012 को यहां पहला अंतरराष्ट्रीय टी-20 खेला गया था जो भारत एवं इंग्लैंड के बीच था। इसके अलावा यहां घरेलू क्रिकेट के मैच, IPL के मैच और महिला क्रिकेट के मैच भी आयोजित किये जाते हैं।

वानखेड़े से जुड़े कुछ दिलचस्प आंकड़े

यहां खेले गए किसी भी टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भारतीय टीम के नाम हैं। उन्होंने 2016-17 के सत्र में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में 631 रन बनाए थे तो वही न्यूनतम स्कोर का रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हैं जब 2021-22 सीजन में वो भारतीय टीम के खिलाफ महज 62 रनों पर ढेर हो गई थी।

एकदिवसीय मैचों में एक पारी में सबसे ज्यादा रन दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 2015 में बनाए थे जब उन्होंने टीम इंडिया के विरुद्ध 438/4 का स्कोर खड़ा किया था। टी-20 में भारत के द्वारा वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए गए 240 रन यहां खेले गए किसी भी अंतरराष्ट्रीय टी-20 में ज्यादा हैं।

किस तरह हैं कि यहां की पिच

वानखेड़े स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों की मददगार मानी जाती हैं। कहा जाता है कि यहां गेंद बल्ले पर अच्छे से आती है और यहां की छोटी बाउंड्री भी बल्लेबाजों को रन बनाने में मदद करती हैं।

IPL 2022 के मैच केवल चार मैदानों पर ही आयोजित किये जा रहें हैं उनमें से एक वानखेड़े स्टेडियम भी हैं।

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