भारत में बेटिंग वैध (लीगल) क्यों होना चाहिए?

भारत में बेटिंग करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भारत में बेटिंग से संबंधित कानून भी बनाए गए हैं। बहुत सारे लोग यह मानते हैं कि भारत में बेटिंग को लीगल कर देना चाहिए, तो कुछ लोग इसका विरोध करते हैं। हालांकि भारत में बेटिंग लीगल करने से सरकार के राजस्व में भी काफी फायदा होगा और अवैध रूप से बेटिंग करने वाले खिलाड़ी और इसकी सुविधा देने वाले बुकी भी वैध रूप से काम कर सकेंगे। यहां पर हम आपको बताएंगे कि भारत में बेटिंग वैध (लीगल) क्यों होना चाहिए?

भारत में बेटिंग:

भारत में क्रिकेट बेटिंग को या स्पोर्ट्स बेटिंग को अब तक पूरी तरह से लीगल नहीं किया गया है। भारतीय संविधान और पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 1976 सभी राज्यों को बेटिंग से सम्बंधित कानून बनाने का अधिकार देता है। अलग-अलग राज्यों ने ऑनलाइन स्पोर्ट्स एवं क्रिकेट बेटिंग को मान्यता दी है, लेकिन बुकमेकर्स को भारत में अपना कार्यालय बनने का अधिकार नहीं दिया गया है। आपको बता दें कि इस एक्ट में ऑनलाइन बेटिंग का उल्लेख नहीं है, इसीलिए इसे सम्बंधित कानून भारत में उपलब्ध नहीं हैं। बेटिंग करना गैंबलिंग की श्रेणी में आता है। गैंबलिंग को दो भागों में बांटा गया है: मौके का खेल और कौशल का खेल। 

1. मौके का खेल: उन प्रकार के खेलों को मौके का खेल कहा जा सकता है जो किस्मत पर आधारित होते हैं। इस प्रकार के खेल को कोई भी खिलाड़ी बिना जानकारी के भी खेल सकता है। उदाहरण के लिए, डाइस गेम्स, संख्या चुनना, रूले, कसीनो गेम्स, अंदर बाहर, आदि। ऐसे खेलों को भारत में अवैध माना जाता है।

2. कौशल का खेल: ऐसे खेल जो अपने ज्ञान या अनुभव के आधार पर खेले जाते हैं, उन्हें कौशल का खेल कहा जाता है। इसमें खिलाड़ी को विश्लेषणात्मक निर्णय लेने, तार्किक सोच, क्षमता, इत्यादि कौशल की आवश्यकता होती है। इनमें कुछ ऐसे भी खेल होते हैं, जिन्हें खेलने के लिए ट्रेनिंग की आवश्यकता पड़ सकती है। उदाहरण के रूप में: चेस, कैरम, रम्मी फैंटेसी स्पोर्ट्स, इत्यादि। कौशल वाले खेलों को कई राज्यों में इस प्रकार के खेल को लीगल माना गया है।

भारत में बेटिंग वैध (लीगल) क्यों होना चाहिए? 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में गैंबलिंग को लेकर संविधान की 7 वीं सूची में बताया गया है। इसके साथ ही साथ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट भी बनाए गए हैं। भारत में अभी तक ऑनलाइन बेटिंग को रोकने के लिए कोई कानून नहीं बनाए गए हैं, हालांकि जिस तरह से विदेशों में बेटिंग के स्टाल लगाए जाते हैं उसकी मान्यता अभी तक भारत के किसी भी राज्य में नहीं है।

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पश्चिमी देशों में बेटिंग को लीगल किया गया है जिसके चलते सरकार को आय भी प्राप्त होता है। अमेरिकन गैंबलिंग एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में यूएस को 53 बिलियन डॉलर की आय प्राप्त हुई है। 2019 से 2021 तक आय में लगभग 21% से भी अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि लगभग 2 वर्ष COVID के चलते कई कैसीनो और बेटिंग स्टॉल बंद किए गए थे।

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भारत में भी बड़ी संख्या में लोग बेटिंग करना पसंद करते हैं। इसीलिए यदि भारत में बेटिंग को लीगल किया गया तो सरकार को अच्छी खासी आय प्राप्त हो सकती हैं और राष्ट्रीय आय में भी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही साथ कई सारे लोग अपने ज्ञान और कौशल का प्रयोग करके अच्छी खासी कमाई भी कर सकते हैं। आपको बता दें कि भारत में हॉर्स रेसिंग पर बेटिंग और लॉटरी को लीगल किया गया है। इसके अलावा गोवा, दमन और दीव, नागालैंड और सिक्किम में भूमि आधारित कसीनो भी लीगल है। 

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