क्रिकेट बेटिंग के 10 पॉपुलर टर्म्स जिसे समझना हर पंटर के लिए आवश्यक है

भारत में क्रिकेट बेटिंग लीगल ना होने के बावजूद भी ग्रे मार्केट में कई सारे लोग बेटिंग करते हैं। इसके साथ ही साथ भारत में विदेशी ऑनलाइन बुकमेकर लीगल तरीके से काम कर रहे हैं इसीलिए ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग की मांग भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही साथ ग्रे मार्केट/ब्लैक मार्केट में भी ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग की सुविधा दी जा रही है ताकि भारतीय पंटर्स को बेटिंग करने और इसके टर्म्स समझने में आसानी रहे। यदि आप पहली बार क्रिकेट बेटिंग शुरू करने जा रहे हैं तो आपको कुछ बेसिक टर्म्स समझना बहुत ही आवश्यक है। यहां हम आपको क्रिकेट बेटिंग के 10 पॉपुलर टर्म्स बताने जा रहे हैं।

क्रिकेट बेटिंग के 10 पॉपुलर टर्म्स:

जब आप क्रिकेट बेटिंग में शुरू करते हैं तो इसमें आपके सामने कुछ ऐसे टर्म्स से आते हैं, जिसे समझना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि इन टर्म्स को नहीं बिना समझे आपके लिए बेट लगाना मुश्किल होगा। तो चलिए अभ्मापको क्रिकेट बेटिंग के 10 पॉपुलर टर्म्स बताते हैं:

1. बुकमेकर (Bookmaker) क्या होता है ?

भारत में ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग के दौरान इस टर्म का अधिक नाम आता है। वह कंपनी जो बेटिंग की सुविधा उपलब्ध कराती है, उसे बुकमेकर कहते हैं। बुकमेकर दो प्रकार के हो सकते हैं: ऑनलाइन बुकमेकर और भूमि आधारित बुकमेकर। ऑनलाइन बुकमेकर अपनी सभी सुविधाएं ऑनलाइन देते हैं, जबकि भूमि आधारित बुकमेकर बेटिंग स्टॉल या क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए अपनी सुविधाएं देते हैं। उदाहरण के रूप में Betway, Bet365, PariMatch, इत्यादि भारत में ऑनलाइन बुकमेकर हैं, जबकि यहां पर भूमि आधारित बुकमेकर्स को काम करने की इजाजत नहीं है।

2. बुकी (Bookie) क्या होता है ?

भारत के ग्रे मार्केट में बेटिंग को ऑर्गेनाइज करने वाले व्यक्ति को बुकी कहा जाता है। बुकी का काम पंटर्स के बेट को एक्सेप्ट करना होता है और पैसे का लेनदेन करना होता है। हालांकि विदेशों में बेटिंग कंपनियों को भी बुकी कहा जाता है, क्योंकि वे आपको ऐसी सुविधा देते हैं। विदेशों में ऑनलाइन बेटिंग कंपनी को ऑनलाइन बुकी और ऑफलाइन काम करने वालों को सिर्फ बुकी कहा जाता है।

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3. पंटर/ प्लेयर/ बेटर (Punter/ Player/ Bettor) क्या होता है ?

किसी भी बुकमेकर या बुकी के पास बेटिंग करने वाले व्यक्ति को पंटर या बेटर कहा जाता है। भारत में बेट लगाने वाले लोगों के किए पंटर या प्लेयर शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि विदेशों में इन शब्दों के साथ साथ बेटर (Bettor) शब्द का भी इस्तेमाल होता है।

4. फेवरेट और नॉन फेवरेट क्या होता है ?

किसी भी मैच के शुरू होने से पहले या मैच के दौरान मजबूत स्थिति में रहने वाली टीम फेवरेट होती है, जबकि कमजोर स्थिति में रहने वाली टीम नॉन फेवरेट होती है। मैच की स्थिति के अनुसार फेवरेट और नॉन फेवरेट टीम बदल सकती है। 

5. भाव (Odds) क्या होता है ?

किसी भी मैच में मजबूत और कमजोर टीम के अनुसार एक भाव तय किया जाता है। मैच से पहले एक भाव दिया जाता है, लेकिन टॉस होने के बाद, प्लेइंग इलेवन घोषित होने के बाद या मैच में हो रही घटनाओं के अनुसार मैच के भाव बदलते रहते हैं। उदाहरण के रूप में भारत पाकिस्तान का मैच शुरू होने से पहले भाव 60-61 है और भारत फेवरेट है। 

लेकिन यदि पाकिस्तान टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करता है तो यह भाव थोड़े ऊपर जा सकते हैं। इसके साथ ही साथ यदि पाकिस्तान टीम पहले 10 ओवरों में 2 विकेट लेकर मैच में मजबूत पकड़ बना लेता है तो या भाव बदल भी सकता है और पाकिस्तान फेवरेट होकर भारत नॉन फेवरेट हो सकती है। ऑनलाइन बेटिंग के दौरान डेसीमल ऑड्स होते हैं, यानी 60-61 के भाव को 1.60-1.61 दिखाया जाता है।

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6. क्वार्टर, आधी गड्डी, एक गड्डी, आधी पेटी, एक पेटी, आधे खोखा और एक खोखा क्या होता है ?

भारत में इन शब्दों का अधिक इस्तेमाल होता है। क्वार्टर का मतलब ₹2,500, आधी गड्डी का मतलब ₹5हजार, एक गड्डी का मतलब ₹10 हजार, आधी पेटी का मतलब ₹50 हजार, एक पेटी का मतलब ₹1 लाख, आधा खोखा का मतलब ₹50 लाख और एक खोखा का मतलब ₹1 करोड़ होता है। इसी के अनुसार आप बेट के दौरान यूनिट बढ़ा सकते हैं, जैसे: 2 गड्डी (₹20,000) 3 गड्डी (₹30,000), इत्यादि।

7. खाई और लगाई (Back & Lay) क्या होता है ?

यदि आप क्रिकेट बेटिंग करने जा रहे हैं तो आपको यह समझना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि मैच में बेट लगाने के लिए खाई और लगाई (Back & Lay) शब्दों का बार-बार इस्तेमाल किया जाता है। किसी फेवरेट टीम पर बेट लगाने के लिए लगाई और नॉन फेवरेट टीम पर बेट लगाने के लिए खाई शब्द का इस्तेमाल होता है। इसको एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं;

मान लीजिए कि भारत और पाकिस्तान का मैच चल रहा है जिसमें भारत फेवरेट और पाकिस्तान नॉन फेवरेट है। ऐसी स्थिति में यदि आप फेवरेट टीम भारत पर बेट लगाना चाहते हैं तो आपको लगाई (Back) करनी होगी, जबकि पाकिस्तान की जीत पर बेट लगाने के लिए खाई (Lay) करनी होगी। 

यदि आपने फेवरेट टीम पर 1.60 (60 पैसे) के भाव (Odd) पर ₹10,000 लगाई की है और वह टीम मैच हार जाती है तो आपको ₹10,000 का नुकसान होगा, जबकि जीत की स्थिति में ₹6000 मिलेगा लेकिन यदि आप 1.60 (60p) के भाव पर ₹10,000 खाई करते हैं और वह टीम हार जाती है तो आपको ₹6000 का नुकसान होगा जबकि जीत मिलने पर ₹10,000 का मिलेगा। 

8. लॉस कट (Loss Cut)/बुक सेट (Bookset) क्या होता है ?

मान लीजिए कि आपने जिस टीम पर बेट लगाया है और वह एकदम से जीत की ओर बढ़ रही है। मजबूत स्थिति में होने के कारण वह अच्छे से फेवरेट हो गई है और भाव काफी नीचे आ गया है, तो किसी भी जोखिम से बचने के लिए बुक सेट किया जाता है। क्योंकि क्रिकेट मैच में परिस्थिति कभी भी बदल सकती है और कभी भी मैच का रुख पलट सकता है। 

क्रिकेट में कभी-कभी 3 पैसे पर नॉन फेवरेट रही टीम को जीतते भी देखा गया है। इसीलिए यदि आप किसी टीम पर कुछ राशि कन्फर्म जीत रहे हैं, तो भाव नीचे आने पर तुरंत बुक सेट कर लें, ताकि यदि किसी कारणवश मैच का रुख पलट गया तो आपको कोई नुकसान ना हो। 

मान लीजिए आपने 80p के भाव पर किसी टीम पर ₹10,000 लगाई की है और वह टीम एकतरफा मैच जीत रही है, जिसके चलते भाव नीचे आकर 20p के आसपास हो गया है तो तुरंत आपको तुरंत ₹10,000 नॉन फेवरेट टीम पर खाई कर देनी चाहिए। 

यानी यदि आपने पहले जिस फेवरेट टीम पर बेट लगाया था वह टीम मैच जीती तो आपको ₹6,000 का मुनाफ़ा होगा और यदि अचानक से मैच का रूख पलट गया और दूसरी टीम मैच जीत गई तो आपको कोई नुकसान नहीं होगा। बुक सेट करते समय हमेशा लगाई की गई राशि से अधिक बेट लगाएं, ताकि आपको दोनों तरफ से मुनाफा मिले। इसी प्रक्रिया को लॉस कट/बुक सेट कहा जाता है।

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9. सेशन में Yes/Not (Yes/Not in Session) क्या होता है ?

किसी भी क्रिकेट मैच में मुख्यतः 6 ओवर, 10 ओवर, 15 ओवर और 20 ओवर के सेशन होते हैं। भारत के ग्रे मार्केट में फोन लाइन पर भी यही सेशन ऑपरेट किए जाते हैं। जैसे किसी मैच में 6 ओवर का सेशन 45-46 खुला हुआ है और आपको लग रहा है कि 46 या उससे अधिक रन बनेगा तो इसके लिए 46 Yes करना होगा। इसके बाद यदि 46 या उससे अधिक रन बना तो आप यह बेट जीत जायेंगे। 

इसके अलावा यदि आप सोच रहे हैं कि 45 से कम इसको बनेगा तो इसके लिए आपको 45  नॉट करना होगा। ऐसी स्थिति में यदि 45 या उससे अधिक रन बन गए तो आप यह  बेट हार जायेंगे। ऑनलाइन बेटिंग के दौरान Yes के लिए Back और Not के लिए Lay टर्म का इस्तेमाल होता है। 

10. फैंसी बेट्स (Fancy Bets) क्या होता है ?

यदि आप भारत के ग्रे मार्केट में फोन के जरिए बेटिंग करते हैं तो आपको ऊपर बताए गए सेशन के अलावा अन्य फैंसी बेट्स लगाने को नहीं मिलेंगे। लेकिन ऑनलाइन बेटिंग के दौरान सेशन के अलावा भी कई फैंसी बेट्स उपलब्ध होते हैं, जैसे एक ओवर में रन कितने रन बनेंगे, किसी एक निर्धारित ओवर में कितना रन बनेगा, बल्लेबाज कितना रन बनाएगा, अगला विकेट कितने रन से पहले या बाद में गिरेगा, अगला विकेट कैच से गिरेगा या नहीं, गेंदबाज कितना रन खर्च करेगा, इत्यादि। इन सभी बेट्स में मैच की प्रगति के अनुसार संख्याएं बढ़ती-घटती रहती हैं, और आप सेशन की तरह कभी भी बेट लगा सकते हैं।

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